लोग कहते है वो और थे सैलाब कुछ और था

ग़ौर से देखो एक क़तरा उस सैलाब में मैं भी था।

आप सभी को अखंड देश के ७३वे स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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